Saturday, February 29, 2020

अगर आप ब्यूटी क्वीन बनने का ख्वाब देख रही हैं तो इसके लिए आपके पास अच्छा मौका है। इसके लिए पूरी तरह से तैयार हो जाइए, क्योंकि साल 2020 में होने वाले हौट मोंड मिसेज़ इंडिया वर्ल्डवाइड कॉन्टेस्ट के रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। ये ऑडिशन उन महिलाओं के लिए हैं जो शादीशुदा जीवन के बाद अपने सपनों को पूरा नही कर पाती  हैं और इन महिलाओं को इंटरनेशनल लेवल तक ले जाना ही हौट मोंड मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड का मकसद है।

महिला किसी काम में पीछे नहीं होती और आगे बढ़ने की कोई उम्र नहीं होती और इसी बात को मानते हुए हॉटमोंड मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड (Haut Monde Mrs. India Worldwide)दे रहा है देश भर की विवाहित महिलाओं को मौका मिसेज इंडिया बनने का। पूरे देश भर के 18 बड़े शहरों में इसे लेकर ऑडिशन जारी है और इसमें NRI महिलाओं को भी मंच दिया जा रहा है। अपने सफर को आगे ले जाते हुए Haut Monde Mrs. India Worldwide 2020 में अबतक 11 शहरों में जिसमें चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद , कोलकाता ,भुवनेश्वर, अहमदाबाद ,मुंबई , लखनऊ और पटना में ग्रैंड और धमाकेदार ऑडिशंज़ के बाद अब Haut Monde Mrs. India Worldwide आ रहा है आपके अपने शहर नागपुर..haut मोंड मिसेज़ इंडिया की नई क्वीन को तलाशने... नागपुर में  14 March को होटल The PRIDE में धमाकेदार तरीके से ऑडिशन होने जा रहा है।

इस प्रतियोगिता में जीतने वाली महिला को जीत का सुनहरा ताज मिलेगा ही साथ ही 3 लाख रू. के नगद ईनाम से सम्मानित भी किया जाएगा।आप hautmonde की वेबसाइट www.mrsindiaworldwide.com में जाकर या उसी दिन आन्स्पाट रेजिस्टर  भी करवा सकती हैं.. रेजिस्ट्रेशन सुबह 9:30 बजे से शुरू  होगी...इसी तरह देश के हर बड़े शहर में विवाहित महिलाओं की खूबसूरती और हुनर के लिए Haut Monde Mrs. India Worldwide मंच दे रहा है। देश के तमाम बड़े शहरों में ऑडिशन होने के बाद प्रतियोगिता का सेमीफाइनल यूरोप में और ग्रैंड फिनाले देश के दिल यानी राजधानी दिल्ली में होना है। Haut Monde Mrs. India Worldwide के चेयरमैन भरत भ्रमर की वजह से शादीशुदा महिलाओं को उनके सपने पूरे करने का मंच मिल रहा है।


Saturday, January 25, 2020

State Bank of India invites Online application from Indian citizen for appointment to the post of Deputy Manager (Law), Clerk, Armourer etc. Candidates are requested to apply Online through the link given on Bank’s website https://bank.sbi/careers or https://www.sbi.co.in/careers.


1. The process of Registration is complete only when fee (wherever applicable) is deposited with the Bank through Online mode on or before the last date for payment of fee.
2. Before applying, candidates are requested to ensure that they fulfil the eligibility criteria for the post as on the date of eligibility.
3. Candidates are required to upload all required documents (brief resume, ID proof, age proof, educational qualification, experience etc.) failing which their application/ candidature will not be considered for interview.
4. Candidature of a candidate will be provisional and will be subject to satisfactory verification of all details/ documents with the originals when a candidate reports for interview (if called).
5. In case a candidate is called for interview and is found not satisfying the eligibility criteria (Age, Educational Qualification and Experience etc.) he/ she will neither be allowed to appear for the interview nor be entitled for reimbursement of any travelling expenses.
6. Candidates are advised to regularly check Bank's website for details/ updates (including list of candidates selected for Interview/ Final selection). Any letter, where required, will be sent by e-mail only (no hard copy will be sent).
7. ALL REVISIONS/ CORRIGENDUM (IF ANY) WILL BE HOSTED ON THE BANK’S WEBSITE ONLY.
8. In case more than one candidate scores same marks as cut-off marks in the merit list (common marks at cut-off point), such candidates will be ranked in the merit according to their age in descending order.
9. Hard copy of application & other documents are not required to be sent to this office.

Read Complete Advt here; https://sbi.co.in/web/careers/current-openings

Thursday, January 23, 2020

In the coming months around 1400 Vacancies Would Be Filled In HRTC.  It was apprised while Transport Minister Govind Singh Thakur chaired the review meeting of Himachal Road Transport Corporation (HRTC). He reviewed the performance of HRTC on account of its scheduling of various routes, earning per kilometer (EPKM), kilometer per liter (KMPL), and maintenance of buses.


Minister directed the officers to ensure all round progress by giving special emphasis on passenger satisfaction. He directed the management to inspect the bus stands, workshops and HRTC approved dhabas on regular basis. He asked officers to take strict action against dhabas violating the norms fixed by HRTC. Govind Singh Thakur further directed to follow the recruitment process of officers, drivers, conductors and other supporting staff. The Minister also directed to ensure timely promotion of HRTC staff.

Managing Director HRTC Yunus, Executive Director HRTC Anupam Kashyap, FA &CAO Ashok Chauhan, General Manager Naveen Kaplas, Divisional and Regional Managers of HRTC were also present in the meeting. 

Wednesday, January 22, 2020

HPPSC Recruitment: सरकारी नौकरी के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू, जल्द करें आवेदन

सरकारी नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) ने अनेक पदों की भर्ती की नोटिफिकेशन जारी की है। नोटिफिकेशन के मुताबिक जिला नियंत्रक, जिला रोजगार अधिकारी, प्रिंसिपल, हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा और अन्य पदों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 फरवरी रखी गई है।


पूरी जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें :-



https://bit.ly/37lipyM


Thursday, January 16, 2020

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 819 पद भरने की मंजूरी दी गई। इनमें जेबीटी के 532, भाषा अध्यापकों के 35, शास्त्रियों के 133, टीजीटी (कला) के 104, टीजीटी (नाॅन मेडिकल) के आठ और टीजीटी (मेडिकल) के सात पद शामिल हैं। यह पद अनुबंध आधार पर भरे जाएंगे।

बैठक में पैरा कार्यकर्ताओं के 1578 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिनमें 417 पैरा पम्प आॅपरेटर, 287 पैरा फीटर और 874 बहुद्देश्यीय कार्यकर्ता शामिल हैं। इन पदों को सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की 394 नई पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं के संचालन के लिए विभाग की पैरा कार्यकर्ता नीति के अंतर्गत भरा जाएगा।

मंत्रिमंडल ने बागवानी विभाग में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ टैक्निशियन के 16 पद भरने का निर्णय लिया, जिनमें से आठ पद सीधी भर्ती के माध्यम से और आठ पद बैच के आधार पर भरे जाएंगे। प्रदेश उच्च न्यायालय में सीधी भर्ती के माध्यम से सिविल जज के 11 पद भरने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल ने मण्डी उपायुक्त कार्यालय में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के छह पद और सेवादारों के सात पद भरने का निर्णय लिया है।

बैठक में हाल ही में खोले गए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नालागढ़ और नागरिक न्यायालय बंजार, तिसा और शिलाई में नियमित आधार पर रिकाॅर्ड कीपर के चार पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। उद्योग विभाग में चालकों के तीन पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई है। बैठक में आल्टर्नेटिव डिस्प्यूट्स रिजोल्यूशन सेंटर बिलासपुर, हमीरपुर, रिकांगपिओ और नाहन में चैकीदार एवं सेवादारों के चार और सफाई कर्मचारी एवं सेवादारों के चार पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमंडल ने मण्डी जिला के राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुन्नू को राजकीय माध्यमिक पाठशाला के रूप में स्तरोन्नत करने और आवश्यक पदों को सृजित करने का निर्णय लिया। सिरमौर जिला के पच्छाद विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाबण में विज्ञान की कक्षाएं आरंभ करने और आवश्यक पदों को भरने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में वन क्षेत्रों से चीड़ की पत्तियों को एकत्रित करने और हटाने के लिए नीति में संशोधन का निर्णय लिया गया, ताकि आगजनी की घटनाओं को कम किया जा सके और हितधारकों को चीड़ की पत्तियों को हटाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इसके अतिरिक्त संशोधन के अनुरूप उद्योगों को चीड़ की पत्तियों को ईंधन के रूप में उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

 बैठक में चम्बा जिला की राजकीय प्राथमिक पाठशाला बैली-2 को राजकीय माध्यमिक पाठशाला, राजकीय माध्यमिक पाठशाला धार को उच्च पाठशाला और राजकीय उच्च पाठशाला परिहार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के रूप में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। सिरमौर जिला के राजकीय उच्च विद्यालय गढोल पीरग और सिरमौरी मंदिर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के रूप में स्तरोन्नत करने को मंजूरी प्रदान की गई। इन विद्यालयों के संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 25 पद भरने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश के जलाशयों में मछली के दामों में एकरूपता लाने, मछली को एक ब्रैंड बनाने और मछली उत्पादन से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार के उद्देश्य से राज्य के जलाशयों के लिए एक परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। यह परियोजना गोविन्द सागर में कार्यान्वित की जाएगी। मंत्रिमंडल ने बिलासपुर जिला के बेसाखी-नलवाड़ मेला झण्डूता और नलवाड़ मेला सुनहाणी को जिला स्तरीय मेला घोषित करने को स्वीकृति प्रदान की, ताकि जिला की समृद्धि संस्कृति और परम्पराओं को बढ़ावा दिया जा सके।

Sunday, January 12, 2020

इन दिनों साइबर क्राइम के बहुत सारे मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में आपको सतर्क रहने की जरूरत है, जिससे आप इसका शिकार होने से बच सकते हैं। तो चलिए आज आपको कुछ बाते बतातें हैं अगर आप उनको फोलो करते हैं तो आप साइबर क्राइम का शिकार होने से बच सकते हैं।



  • कोई बैंककर्मी बनकर आपके एटीएम, क्रेडिट कार्ड के नंबर, ओटीपी नंबर मांगे तो ना दें। 

  • बैंक अधिकारी बन एटीएम बंद होने की बात कहकर भी फ्रॉड किया जा रहा है। इसलिए कोई जानकारी फोन पर शेयर ना करें।

  • हो सके तो सोशल साइट पर बैंक खाते वाला मोबाइल नंबर ना लिखें। इनकम टैक्स का नाम लेकर भी इस तरह का फ्रॉड किया जा रहा है तो सावधान रहें।

  • नौकरी लगवाने के नाम पर, सस्ता बैंक लोन दिलवाने और विदेश भेजने के नाम पर ठगी की जा रही है, इसलिए सतर्क रहें।

  • फेसबुक मैसेंजर पर लिंक भेजकर, फेसबुक पर दोस्ती कर, लोगों को उनका पुराना परिचित बता भी ठगी की जा रही है। 

  • पेटीएम वॉलेट की केवाईसी करवाने के नाम पर भी ठगी की जा रही है। ठग आपको फोन या कंप्यूटर पर ऐनी डेस्क ऐप डाउनलोड करने को कहेगा, ऐसा ना करें।

  • साइबर अपराधों को सिर्फ लोगों को जागरूक कर रोका जा सकता है। लोगों को किसी ऐसे आदमी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। जिससे आप मिले ही न हों।



शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के बाद कई सड़कें बंद हो गई। जिन सड़कों पर यातायात चल रहा था, वहां भी फिसलन थी। ऐसे में जान जोखिम में थी। इस बीच शिमला पुलिस के जवान मुसाफिरों के लिए दूत बने।


पुलिस के जवानों को जहां भी कोई मुसाफिर परेशानी में दिखता वे वहीं पहुंच जाते और उनकी मदद करते।


कुछ तस्वीरें भी इसकी सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिसमें शिमला पुलिस के जवान लोगों की सहायता करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस जवानों के इस कदम की जोरदार तारीफ की जा रही है।

शिमला। लाहौल स्पीति के काजा उपमंडल में शुक्रवार को मरीजों को आपातकालीन स्थिति में हेलीकॉप्टर के माध्यम से लिफ्ट करवाया गया। मरीजों को शिमला और चंडीगढ़ के लिए लिफ्ट किया गया। हेलीकॉप्टर में कुल 10 लोगों को लिफ्ट किया गया।

Pawan Hans airlifting 10 people from #Kaza at 12000 ft in a #medicalemergency. #Himachal #Snowfall #Shimla

Wednesday, November 20, 2019


हैलो दोस्तों, आज के भाग-दौड़ भरे लाइफ स्टाइल में सेहत का ध्यान रखना मुश्किल हो गया है, वो भी तब जब डब्बा बंद खाने पीने का प्रचलन बढ़ गया है। फॉस्ट फूड और पैक्ड खाने पीने के सामानों ने तबीयत पर खासा असर डाला है। ऐसे में होम मेड और ताजा खाने को महत्व देने की जरुरत है। इसी कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे प्रोडक्ट के बारे में जो आपको सेहतमंद भी रखेगा और आपके समय की भी बचत करेगा। आज हम बात कर रहे हैं पोर्टेबल मोबाइल जूसर की।
सबसे पहले बात कर लेते हैं इस जूसर के फीचर्स की। इस मोबाइल जूसर की सबसे खास विशेषता यह है कि इसकी साइज एक लीटर की बॉटल की तरह है। ये पोर्टेबल मोबाइल जूसर काफी किफायती होने के साथ-साथ कंविनीयंट भी है। ये जगह कम लेने के साथ साथ खूबसूरत भी है।

इस मोबाइल जूसर को हम मोबाइल चार्ज करने वाले पॉवर बैंक से भी चार्ज कर सकते है। क्योंकि यह भी यूएसबी सपोर्टेड उपकरण होता है। साथ ही आप इसे पॉवर बैंक के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

यह जूसर Dishwasher Safe है और इसमें Food Grade Stainless-Steel Blades लगी हैं। इसमें 2000mAh की  Rechargeable Battery है। साथ ही इसमें चार्जिंग इंडीकेटर भी लगा है। इसे साफ करना भी बेहद आसान है। आपको बस इसका फिल्टर और कैप निकालना है और आसानी से पानी से इसे साफ कर सकते हैं।

हालांकि, इसकी परफॉरमेंस कैसी है, इसका पता उपयोग के बाद ही लगाया जा सकेगा। लेकिन इतना जरूर है कि यह प्रोडक्ट काफी किफायती होने के साथ-साथ ट्रेंडी भी है। ऐसे में अगर आप मिनी जूसर खरीदने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए बेहतर विकल्प होगा।


इसे आप ऑनलाइन या फिर ऑफ लाइन खरीद सकते हैं, यह आपको 500 से 1000 रूपए में मिल जाएगा। इसके साथ आपको juicer bottle main unit,USB Charging Cable और एक User manual मिलेगा।

Tuesday, January 17, 2017

Patanjali Ayurved, a 100% swadeshi company, one of the fastest growing globally is providing you a golden employment opportunity for your glorious and bright future. Patanjali is recruiting 10,000 salesmen at the distributor level. 5 to 10 hardworking and experienced salesmen are required at the distributor level in every district. Local youngsters would be given preference for this job.


Currently, along with over 500 ayurvedic natural products, Patanjali has major expansion plans for the edible oil, dairy and textile sectors.

To gain experience in the multi-dimensional and multi-category brand Patanjali and to attain new heights & affluence in your career it is the golden opportunity for aspirant.

Interview Venue:

Candidates can walk in for an interview on 22nd and 23rd January 2017, between 10 am to 5 pm at Chandigarh, Plot No. 572, Industrial Area, Phase 2 (Opposite Petrol Pump of Phase 2)

If you are unable to walk in, you can mail your resume with subject line mentioning "Distributor Sales Manager" & Your "State Name" on apply@patanjaliayurved.org



Sunday, January 15, 2017

Dusty clothes, untidy personality, face covered with heavy and years old beard, having a diary and pen in his hands, he is continuously writing some old accounts, a vagabond person walking from the summer hill chalk to the mall, Shimla. This scene is often seen by Shimla localoids. But no one ever tried to ask or think about his merciful condition, as this is a common view for all of them.

 A mentally sick person whose age is around 65-70 years old is often seen with ruined reflections. No one is there for his care. Policemen, shopkeepers and common people never bother him. Some canteen holders or tea stalls sometimes offers him tea, biscuits or sometimes food, this is the only source for his meals. Don’t know, what is the reason behind his heart squeezing condition? Why is he living this hell? But one thing is clear; from an illiterate person to a well educated officer we all have become emotionless, senseless and careless towards our society and also towards our laws. Because according to Mental Health Act 1987, the attitude of the society towards persons afflicted with mental illness has changed considerably and it is now realised that no stigma should be attached to such illness as it is curable, particularly, when diagnosed at an early stage. Thus the mentally ill persons are to be treated like any other sick persons and the environment around them should be made as normal as possible.

Photo Courtesy: www.pinterest.com

1. It is considered necessary -

To regulate admission to psychiatric hospitals or psychiatric nursing homes of mentally ill-persons who do not have sufficient understanding to seek treatment on a voluntary basis, and to protect the rights of such persons while being detained. To protect society from the presence of mentally ill persons who have become or might become a danger or nuisance to others. To protect citizens from being detained in psychiatric hospitals or psychiatric nursing homes without sufficient cause. To regulate responsibility for maintenance charges of mentally ill persons who are admitted to psychiatric hospitals or psychiatric nursing homes. To provide facilities for establishing guardianship or custody of mentally ill persons who are incapable of managing their own affairs. To provide for the establishment of Central Authority and State Authorities for Mental Health Services. To regulate the powers of the Government for establishing, licensing and controlling psychiatric hospitals and psychiatric nursing homes for mentally ill persons. To provide for legal aid to mentally ill persons at State expense in certain cases.

The authority established under sub-section (1) shall -


Be in charge of regulation, development, direction and co-ordination with respect to Mental Health Services under the Central Government and all other matters which, under this Act, are the concern of the Central Government or any officer or authority subordinate to the Central Government. Supervise the psychiatric hospitals and psychiatric nursing homes and other Mental Health Service Agencies (including places in which mentally ill persons may be kept or detained) under the control of the Central Government.

As it is the moral duty and social responsibility of not only the city police, the state government but all of the citizens of the city to admit this old man to well organized psychiatric hospitals. So that we can feel or play a better role for humanity and take out this man out of this living hell. We have to realize that he also deserves to live a normal and healthy life, as he is also a part of our society. Our law also says that each and every person of this country has the right to live with dignity and honor and being a responsible citizen we should help him to get this vital right of him. Only then we can prove that we are alive.

Guest Blogger

Bhoomika

Tuesday, November 8, 2016

पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद औब पीएम मोदी ने कालेधन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है। 8 नवंबर को प्रधानमंत्री ने 8 बजे देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा- आज रात 12 बजे से 500 और 1000 रुपए के नोट बंद हो जाएंगे। पुराने नोट बैंक और डाकघरों में 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक जमा किए जा सकता हैं। बुधवार को देशभर के सभी बैंक भी बंद रहेंगे।

पीएम मोदी ने कहा- भ्रष्टाचार, कालाधन, आतंकवाद और जाली नोटों के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई की जरूरत है। देश को भ्रष्टाचार और कालेधन के दीमक से मुक्त कराने के लिए एक और सख्त कदम उठाने का वक्त आ गया है। आज रात 12 बजे से 1000 रुपये और 500 रुपये के नोट कागज के टुकड़े रह जाएंगे और उनका कोई मूल्य नहीं होगा।

क्या है पेटीएम?


पेटीएम एक मोबाइल ई-कॉमर्स कंपनी है जो मोबाइल रिचार्ज एवं बिलों के भुगतान जैसी सरल सेवाओं से शुरुआत की और आज यह अपनी मोबाइल ऐप पर ही उपभोक्ताओं को एक पूर्ण बाज़ार प्रदान कर रही है। पेटीएम एक प्रकार का ऑनलाइन बटुआ है । जिसमे आप अपने जेब वाले बटुए की तरह पैसे रख सकते हैं। फिर इस ऑनलाइन बटुए को डेबिट या क्रेडिट कार्ड के स्थान पर प्रयोग कर सकते हैं। पर इसके लिए आपको अपने ऑनलाइन बटुए में पैसे डालने के लिए डेबिट या क्रेडिट-कार्ड का इस्तेमाल करना होगा।


पेटीएम से क्या कर सकते हैं?


पेटीएम से आप मोबाइल फोन रिचार्ज, डीटीएच रिचार्ज, बिल पेमेंट, बस टिकट बुकिंग, होटल बुकिंग, मेट्रो कार्ड रिचार्ज, पेट्रोल पंप और मूवी टिकट सहित कई कुछ बुक करा सकते हैं।

पेटीएम में अकाउंट कैसे बनाए?


आप पेटीएम का इस्तेमाल कंप्यूटर और मोबाइल दोनों से कर सकते हैं लेकिन अगर आपको घ्र्ङ कोड स्कैन कर पेमेंट करना है तो फिर आपको फोन से इस्तेमाल करना होगा। फोन पर आप पेटीएम का इंस्टाल कर उसमें अपना अकाउंट बना सकते हैं।

1.            पेटीएम में खाता बनाएं और इसका सत्यापन करवाएं।

2.            पेटीएम बटुए में डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसे डालें।

3.            पेटीएम बटुए से भुगतान करना शुरू करें।

2000 रुपए के नए नोट इस तरह के होंगे...


500 रुपए के नए नोट इस तरह के होंगे....

#paytm

Monday, October 17, 2016

शिमला- सरकारी नौकरी पाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर भर्ती कर रहा है। भर्ती के लिए कमीशन ने अधिसूचना 17 अक्टूबर को जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर भर्तियां होंगी। इन पदों के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन किया जा सकेगा। किसी भी तरह का ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होगा।



आवेदन की तिथि



18 अक्टूबर से इन पदों के लिए आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 नवंबर 2016 होगी। इसके बाद किसी भी तरह का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।


ऐसे करें अप्लाई


आवेदन करने के लिए क्लिक करें- http://hpsssb.hp.gov.in


इन विभागों में भी होगी भर्ती



लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, बागवानी विभाग, होम गार्ड, एचपीएमसी, प्रींटिंग एंड स्टेशनरी, इनवायरमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी, विद्युत बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, आयुर्वद, पर्यटन विभाग, हिमफैड, उद्योग और माध्यमिक शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभागों में होंगी भर्तियां।


ज्यादा जानकारी के लिए क्लिक करें . नोटिफिकेशन

 

Photo Source: http://www.allexamgurublog.com

Wednesday, October 5, 2016

India Post Payments Bank Limited (IPPB) invites online applications from qualified candidates who will be appointed in JMG Scale I. Interested candidates may apply online by visiting http://www.indiapost.gov.in/ between 4th October to 25th October, 2016 and no other mode of application will be accepted.

 

 

ABOUT (IPPB)


The India Post Payments Bank (IPPB) has been recently incorporated as a Public Limited Company under the Department of Posts with 100% GOI equity. IPPB will offer demand deposits such as savings and current accounts up to a balance of Rs 1 Lac, digitally enabled payments and remittance services of all kinds between entities and individuals and also provide access to third party financial services such as insurance, mutual funds, pension, credit products, forex, and more, in partnership with insurance companies, mutual fund houses, pension providers, banks, international money transfer organizations, etc.


EDUCATIONAL QUALIFICATIONS


Graduate from University/ Institution/ Board recognized by the Government of India (or) approved by a Government Regulatory Body.


 

 PROCEDURE FOR APPLYING ONLINE


Candidates are first required to go to the IPPB’s authorized website http://www.indiapost.gov.in/ and click the option “Click here to apply online for Assistant Manager (Territory) Posts”” to open the online Application Form.





SELECTION PROCEDURE


Selection will consist of the following steps: (i) Preliminary Examination (ii) Main Examination (iii) Interview. The final selection shall be made on the basis of interview. Merely satisfying the eligibility norms do not entitle a candidate to be called for Examination / Group Discussion / Interview. Results of the candidates who have qualified for various stages of the recruitment process and the list of candidates finally selected will be made available on the IPPB's website. 


Click here for notification

Friday, September 23, 2016

New Delhi: Press Trust of India (PTI) is India’s premier news agency, having a reach as vast as the Indian Railways. It employs more than 400 journalists and 500 stringers to cover almost every district and small town in India. Collectively, they put out more than 2,000 stories and 200 photographs a day to feed the expansive appetite of the diverse subscribers, who include the mainstream media, the specialised presses, research groups, companies, and government and non-governmental organisations.



PTI correspondents are also based in leading capitals and important business and administrative centres around the world. It also has exchange arrangements with several foreign news agencies to magnify its global news footprint. Currently, PTI commands 90 per cent of new agency market share in India.

PTI was registered in 1947 and started functioning in 1949. Today,  PTI can well and truly take pride in the legacy of its work, and in its contribution towards the building of a free and fair Press in India.

PTI invites applications for the following positions :-

 

Senior Copy Editors for National Desk in New Delhi                  

At least 6 years experience in mainline English media in editing and handling news desk operations. Age limit 30 years.     

Journalists for Films & Life style team in New Delhi                  

At least 3 years experience in mainline English media. Age limit 27 years.    

Copy Editors for Hindi service in New Delhi

At least 5 years experience in mainline Hindi news organizations. Age limit 30 years.

Reporter (for Chennai)

Candidates should have a minimum of 4 years reporting experience in mainline journalism. Age limit 30 years.

Minimum Educational Qualifications for all posts:-

 

Graduate with 50% marks. Those with degree/diploma in journalism will be preferred.

How to Apply:-

 

Download job application forms from http://www.ptinews.com/aboutpti/jobs.aspx. Filled up applications should be e-mailed highlighting ‘Post Applied for’ to hrm@pti.in or sent by post to Deputy General Manager (Administration), Press Trust of India, 4, Parliament Street, New Delhi-110001 before September 30, 2016.

Monday, September 19, 2016


जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के कैंप पर हुए हमले से पूरा देश गुस्से में है। इस हमले में भारतीय सेना के 17 जवान शहीद हुए हैं और 30 जवान घायल हुए हैं। यह सुन आप भी चुप नहीं बैठे होंगे। बैठ भी कैसे सकेंगे। यह भारतीय सेना पर जो हमला है।

इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान विरोधी संदेशों की बाढ़ सी आई है । लोगों ने सोशल मीडिया पर कई कविताएं, फोटो, वीडियो शेयर किए हैं। जो भारतीय जवानों को सलाम करते हैं।  इसी बीच हिमाचल पुलिस के एक जवान का वीडियो भी वायरल हो रहा है, ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है।  जिसमें मनोज ठाकुर पाकिस्तान को चुनौती देता हुआ कविता बोल रहा है।

वीडियो में 1965, 71, 99 के युद्धों का भी जिक्र किया गया है। इसमे पाक को चेताया है कि यदि अब जंग होगी तो कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा। पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि हमसे टकराने की हिम्मत नहीं करना वरना विश्व के मानचित्र पर पाकिस्तान का नामो निशान नहीं होगा। कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा।

जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के कैंप पर आतंकवादी हमला कोई भी हिंदुस्तानी कतई सहन नहीं कर सकता। इस हमले को हमे आतंकवादी हमले की नजर से तो कतई नहीं देखना चाहिए, यह सीधे तौर पर जंग है। जो पाकिस्तान पिछले काफी समय से भारतीय सेना के ठिकानों पर हमला कर साबित कर रहा है। अभी पठानकोट एयरबेस पर हमले के जख्म भरे ही नहीं थे उतने में पाकिस्तान ने उरी में सेना के कैंप पर हमला कर नए जख्म दे दिए हैं।

बॉक्सर विजेंद्र सिंह का ट्वीट पढ़ कर अब मैं भी उनकी इस बात से सहमत हूं कि अब जब पाकिस्तान ने जंग का रास्ता चुन ही लिया है तो फिर क्यों नहीं?
अब बहुत हुआ, आखिर कब तक हमारे जवान शहादत देते रहेंगे। बस अब और नहीं, अब हमे किसी निष्कर्ष पर पहुंचना होगा। वो चाहे राजनीतिक तरीके से हो या किसी ओर तरीके से, उससे फर्क नहीं पड़ता। अब समय आ गया है कि इस घटना का मुंहतोड़ जवाब दिया जाए। ऐसा जवाब जिसके बाद पाकिस्तान कभी आंख उठाकर भारत की तरफ ना देख सके।

कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा

हम डरते नहीं एटम बम्ब, विस्फोटक जलपोतो से
हम डरते है ताशकंद और शिमला जैसे समझोतों से
सियार भेडिए से डर सकती सिंहो की औलाद नहीं
भरत वंश के इस पानी की है तुमको पहचान नहीं
भीख में लेकर एटम बम्ब को तुम किस बात पे फूल गए
६५, ७१ और ९९ के युधो को शायद तुम भूल गए
तुम याद करो खेतरपाल ने पेटन टैंक जला डाला
गुरु गोबिंद के बाज शेखो ने अमरीकी जेट उड़ा डाला
तुम याद करो गाजी का बेडा एक झटके में ही डूबा दिया
ढाका के जनरल नियाजी को दुद्ध छटी को पिला दिया
तुम याद करो उन ९०००० बंदी पाक जवानो को
तुम याद करो शिमला समझोता और भारत के एहसानों को
पाकिस्तान ये कान खोलकर सुन ले
की अबके जंग छिड़ी तो सुन ले
नामो निशान नहीं होगा
कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा


लाल कर दिया तुमने लहू से श्रीनगर की घाटी को
किस गफलत में छेड़ रहे तुम सोई हल्दी घाटी को
जहर पिला कर मजहब का इन कश्मीरी परवानो को
भय और लालच दिखला कर भेज रहे तुम नादानों को
खुले पर्शिक्षण है खुले शस्त्र है, खुली हुई नादानी है
सारी दुनिया जान चुकी ये हरकत पाकिस्तानी है
बहुत हो चुकी मक्कारी, बस बहुत हो चूका हस्ताक्षेप
समझा दो उनका वरना भभक उठे गा पूरा देश
हिन्दू अगर हो गया खड़ा तो त्राहि त्राहि मच जाएगी
पाकिस्तान के हर कोने में महाप्रलय आजायेगी
क्या होगा अंजाम तुम्हे इसका अनुमान नहीं होगा
कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा

ये मिसाइल ये एटम बम्ब पर हिम्मत कोन दिखायगा
इन्हें चलाने जन्नत से क्या बाप तुम्हारा आएगा
अबकी चिंता मत कर चहरे का खोल बदल देंगे
इतिहास की क्या हस्ती है सारा भूगोल बदल देंगे
धारा हर मोड़ बदल कर लाहौर से निकलेगी गंगा
इस्लामाबाद की छाती पर लहराएगा तिरंगा
रावलपिंडी और करांची तक सब गारत हो जाएगा
सिन्धु नदी के आर पार सब भारत हो जाएगा
फिर सदियों सदियों तक जिन्नाह जैसा शेतान नहीं होगा
कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा

भारत माता की जय

जय हिंद।


#UriAttack #IndianArmy

Tuesday, September 13, 2016

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव रहे बुतरस घाली ने करीब तीन दशक पहले यह कहा था कि 'अगर कभी तीसरा विश्व युद्ध लड़ा गया तो वो पानी के लिए लड़ा जाएगा।' लेकिन इस विश्व युद्ध से पहले फिलहाल भारत में प्रदेश युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच पानी के बंटवारे को लेकर जिस तरह की स्थिति बनी हुई है इससे यह साफ जाहिर होता है कि तीसरा युद्ध पानी के लिए ही हो सकता है।

आपने कई शहरों में पानी के लिए सुबह-शाम के झगड़े तो देखें ही होंगे, पर इस बार यह झगड़ा दो राज्यों के बीच हो रहा है। यह झगड़ा अब खतरनाक रूप धारण कर चुका है। कर्नाटक और तमिलनाडु की जीवनरेखा मानी जाने वाली कावेरी नदी के जल को लेकर दोनों राज्यों में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। दरअसल तमिलनाडु में इस साल कम बारिश होने के कारण पानी की जबरदस्त किल्लत है। कर्नाटक को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के लिए 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश दिए थे। लेकिन इन निर्देशों से लोग आगबबुला हो गए और कर्नाटक के लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विरोध में सड़कों पर उतर आए और पानी न छोड़ने के लिए 20 से ज्यादा बसों को फूंक दिया गया। वहीं दूसरी ओर चेन्नई में भी होटल पर पेट्रोल बम से हमले किए गए। दोनों राज्यों में हो रही इस तरह की हिंसक घटनाओं ने पानी के लिए होने वाले तीसरे विश्व युद्ध की आग सुलगा दी है। अब स्थिति यह हो गई है कि देश के प्रधानमंत्री तक को इस मुद्दे पर लोगों से संवेदनशीलता की अपील करनी पड़ी।




यह स्थिति तब बनी है जब देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई है। कई राज्यों में तो बाढ़ भी आ गई। अब जब ऐसे समय में भी पानी की कमी हो रही है तो फिर यह चिंतन करने वाली बात है कि जब बारिश नहीं होगी तो वह स्थिति कितनी भयावह होगी।

यह विवाद कोई नया नहीं है, दशकों से चला आ रहा यह विवाद अभी तक सुलझ नहीं सका है। ये सारा मुद्दा ही पानी को लेकर है लेकिन तब भी लोग बसों को आग लगा रहे हैं, अर भाई बसों की इस आग को बुझाने के लिए भी तो पानी की जरूरत पड़ेगी। यह क्यों नहीं समझते। अगर इसी तरह पानी को लेकर आपस में लड़तेमरते रहे तो कोई ताज्जुब नहीं कि पानी को लेकर होने वाले तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत हमारे देश से हो। पानी की कमी एक वैश्विक समस्या का रूप ले चुकी है। दुनिया का हर देश इस समस्या से जूझ रहा है। लेकिन इस तरह की झड़प हमारे यहाँ ज्यादा दिखती हैं। कोई समाधान पर ध्यान नहीं दे रहा, बावजूद इसके हम पानी बचाने के बजाये एक दुसरे का खून बहाने में जुटे हैं।

जल की तुलना जीवन से की गई है इसलिए कहा गया है 'जल ही जीवन है'। पानी के बिना हमारा जीवित रहना असंभव है, बिना खाए इन्सान कुछ दिनों तक तो जिंदा रह सकता है, मगर पानी के बिना कुछ दिन भी जीवित नहीं रह जा सकता। आधुनिकता के इस दौर में भी गंदा पानी पीना मजबूरी है। भले ही इससे जल जनित रोग हो जाएं और जान पर बन आए लेकिन प्यास तो बुझानी ही होगी।

धरती पर सबसे ज्यादा पानी होने की वजह से इसे ब्लू प्लैनेट कहा जाता है। धरती पर वैसे तो पानी की कमी नहीं है, पर जब स्वच्छ जल की बात आती है तो कमी महसूस हो जाती है। पृथ्वी पर करीब 71 प्रतिशत हिस्से पर पानी है और करीब 29 फीसदी हिस्से पर भूमि। परंतु पृथ्वी पर उपलब्ध पानी का करीब 97 प्रतिशत खारा है, जिसे की सिंचाई और पीने के लिए भी प्रयोग में नहीं लाया जा सकता। केवल 3 फीसदी पानी ही पानी योग्य है, उसमें भी 2 फीसदी पानी ग्लेशियरों या पहाड़ों में जमा है।

अब सबसे जरूरी है कि बारिश के पानी को सहेजा जाए जो कि ज्यादा मुश्किल नहीं है। छोटे-छोटे प्रयासों से यह संभव है। जैसे घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाए, सिंचाई के लिए ड्रिप एरिगेशन का प्रयोग किया जाए, पानी को भूगर्भ तक पहुंचाने के लिए गहरे गड्ढे बनाए जाए।  छोटे-छोटे तालाब, बांध, नाले, भी जनभागीदारी से हर मोहल्ले, गांव और कस्बों में तैयार किए जा सकते हैं, जो भूर्गभीय जल संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। छोटी-छोटी बातों पर भी यदि ध्यान दें तो भी हम पानी की खपत को कम कर सकेंगे।

स्वच्छ पेयजल निश्चित रूप से एक बड़ी चुनौती है और इसके लिए सरकार का मुंह देखना खुद के साथ बेमानी होगी। हर किसी को इसके लिए अपने स्तर पर एक-एक आहुति देनी होगी, तभी हम पानी के लिए तीसरे विश्वयुद्ध की भयावहता को न केवल टाल पाएंगे, बल्कि जल ही जीवन का नारा भी सार्थक कर पाएंगे।

Thursday, September 1, 2016

सुनो, सुनो, सुनो,
हिमाचल के बेरोजगारों को कमाई का सुनहरा अवसर। एक बंदर मारने पर मिलेगा 300 रुपए का नगद इनाम, ये मैं नहीं कह रहा प्रदेश सरकार का है फरमान, किसी तरह की न्यूनतम योग्यता नहीं, बस तीर निशाने पर लगना चाहिए। जल्द कीजिए ऑफर केवल सीमित समय के लिए।



हिमाचल प्रदेश में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब प्रदेश सरकार को बंपर ऑफर निकालना पड़ा। बंपर ऑफर भी ऐसा जिसमें एक बंदर को मारने पर आपको 300 का रुपए का इनाम मिलेगा। अभी तक आपने बंपर ऑफरों के बारे में सुना तो होगा पर वे ऑफर या तो टेलिकाम कंपनियों ने दिए होंगे या फिर ई कॉमर्स साइट्स ने। लेकिन इस बार आपको हिमाचल सरकार भी बंपर ऑफर दे रही है। आपको बस करना इतना है कि प्रदेश की 38 तहसीलों और शिमला शहर में बंदरों को मारना होगा। जल्दी कीजिए क्योंकि यह ऑफर केवल सीमित समय तक है, क्योंकि यह ऑफर केवल 14 सितंबर तक ही है। बंदरों को वर्मिन घोषित करने की अवधि 14 सितंबर को हो पूरी हो रही है। बहरहाल ऑफर की अवधि बढ़ाने के लिए सरकार ने इसकी एक्सटेंशन के लिए केंद्र सरकार को एक पत्र भेज दिया है। जिसमें बंदर मारने की डेट को 6 महीने बढ़ाने की मांग की गई है।

रोजगार का सुनहरा अवसर

प्रदेश के वन मंत्री ने यह निर्णय जंगलों के बाहर बंदरों की बड़ी जमात पर अंकुश लगाने के लिए लिया है, लेकिन सरकार का यह फैसला बेरोजगारी पर भी अंकुश लगाने में कारगर सिद्ध हो सकता है। इसे कहते हैं एक तीर से दो निशानें। वन मंत्री के इस निर्णय से प्रदेश के बेरोजगारों के लिए कमाई का सुनहरा अवसर मिलने के आसार हैं। इस ऑफर के लिए कोई न्यूनतम योग्यता नहीं, बस तीर  निशाने पर लगना चाहिए।

शहर से लेकर गांव तक त्राहीमाम

हिमाचल में करीब सवा तीन लाख उत्पादी बंदर है। जो शहर से लेकर गांव तक लोगों को परेशान कर रहे हैं। दरअसल सिमटते जंगलों के चलते बंदर अब आबादी क्षेत्र का रूख करने लगे हैं। बंदरों की संख्या राज्यभर में तेजी से बढ़ रही है, जिसके चलते वन विभाग ने यह फैसला लिया है। कुछ क्षेत्रों में बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि किसानों ने खेती से मुंह मोड़ लिया है। शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी की कई पंचायतों में तो जमीन तक बंजर हो गई है। प्रति वर्ष उत्पादी बंदर करोड़ों रुपए की फसल चट कर रहे हैं। ऐसे में किसानों और बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। वैसे तो यह काम वन विभाग का होता है कि जंगली जानवरों के आतंक से लोगों को निजात दिलाए, पर विभाग ने अपनी जिम्मवारी से मुंह मोड़ दिया है। अब वन विभाग बेरोजगारों के कंधों पर से बंदूक चलाने की कोशिश कर रहा है।

कौन समझेगा बंदरों की व्यथा

जंगलों पर तो मनुष्य ने अपना अधिकार जमा लिया है, और जो वहां के रहने वाले हैं उन्हें वहां से खदेड़ दिया है। ऐसे में अगर वो गांव या शहरों की ओर नहीं आएंगे तो कहां जाएंगे? चांद पर तो अभी जीवन संभव नहीं हुआ है। ऐसे में चांद पर जाने की तो वो सोच भी नहीं सकते। अरे भाई बंदरों को भी तो जीने के लिए कुछ खाना पड़ता है। ऐसे में किसानों की फसलें नहीं खाएंगे तो क्या खाएंगे, जंगल तो पहले की सिमट चुके हैं।

सकते में बंदर कम्युनिटी

सरकार के इस फरमान के बाद बंदर कम्युनिटी भी सकते में आ गई है। जैसे ही बंदरों को इस बात की भनक लगी तो बंदरों ने भी अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी। बंदरों को समझ आ गया है कि सरकार से इस समस्या का हल नहीं निकलने वाला। और उन्हें विश्वास भी है कि सरकार इस समस्या का हल भी नहीं निकाल सकेगी। अब उम्मीद है कि बंदर कम्युनिटी ही इस समस्या का उचित समाधान निकाल पाए। या तो बंदर वापस जंगलों की ओर चलें जाए या फिर खाना-पीना छोड़ दें। इस पर निर्णय होना बाकी है।

धर्म संकट में किसान

वानरों को भगवान का दर्जा देने वाले हिमाचल के भोले-भाले लोग क्या इन वानरों की जान ले पाएंगे यह देखने वाली बात होगी। ऐसे में देखना यह होगा क्या किसानों को इस ऑफर का फायदा मिल पाएगा या नहीं। या फिर यह ऑफर भी समाप्त हो जाएगा और किसानों की यह समस्या जस की तस बनी रहेगी। लेकिन यह बात गौर करने वाली है की जब से केंद्र ने यह अनुमति दी है, तब से किसी भी क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति बंदरों को मारने के लिए आगे नहीं आया है। ऐसे में यह ऑफर कितना कारगर सिद्ध होता है यह आने वाला समय ही बताएगा।

Monday, June 6, 2016

हिमाचल प्रदेश की सड़कें यहां की जीवन रेखा हैं और ये यातायात का प्रमुख साधन भी हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां की सड़कें संकरी, सर्पीली और जोखिम भरी है। इन सड़कों का निर्माण पहाड़ काटकर किया गया है। कई जगह तो सड़के इतनी तंग है कि टायर सड़क के बाहर से होकर गुजरता है। और कई बार बस को मोड़ते समय आधा हिस्सा पहाड़ पर झूल जाता है।

इन सड़कों पर मामूली चूक से मौत होना लगभग तय है क्योंकि बचने का कोई मौका नहीं मिलताए यहां आगे कुआं पिछे खाई जैसी स्थिति है।
इन सड़कों पर अच्छे से अच्छा ड्राइवर भी गाड़ी चलाने से पहले जरूर सोचेगा।  लेकिन अपने साहस के साथ हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक हिमाचल की सड़कों पर जान हथेली पर रखकर गाड़ी चलाते हैं।

हिमाचल में सड़कें तंग होने के कारण इन पर पास देना भी आसान काम नहीं हैए पास देते वक्त हमेश दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार तो पास देने के लिए कई किलोमीटर पीछे हटना पड़ता है। बर्फबारी के समय में इन सड़कों पर बसें चलाना और भी मुश्किल हो जाता है। बर्फबारी के दौरान स्किड होने का खतरा बना रहता है और भारी बर्फबारी पर बर्फ में फंसने का खतरा भी।

आज हम आपको हिमाचल प्रदेश की कुछ खतरनाक सड़कों से रू.ब.रू करवाने जा रहे हैं जिन पर भ्त्ज्ब् के चालक जान जोखिम में डालकर चलते हैं।


Source: Trigarth Studio






















Image Source:  Himachal Parivahan- HRTC

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